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सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक मामले में बंद आरोपी को बरी कर दिया।

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सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बरी किया। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को सबूत के तौर पर तब तक नहीं माना जा सकता, जब तक उनके साथ भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 65-B के तहत अनिवार्य सर्टिफिकेट न हो। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा, "...साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-B [BSA की धारा 63] के तहत सर्टिफिकेट को अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर पाया। साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-B [BSA की धारा 63] के तहत अनिवार्य रूप से ज़रूरी सर्टिफिकेट के अभाव में कॉल डिटेल रिकॉर्ड सबूत के तौर पर अमान्य हो जाते हैं और अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन करने के लिए उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।" इसके टिप्पणी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट का वह फैसला रद्द किया, जिसमें दोषसिद्धि बरकरार रखी गई थी। यह मामला 2010 में एक महिला की हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि पीड़िता के पति ने इस अपराध को अंजाम देने के लिए अपीलकर्ता के साथ साज़िश रची थी। इस कथित साज़िश को साबित ...

पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, 50 हजार का जुर्माना।

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पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, 50 हजार का जुर्माना। अजय सिंह *न्याय अभी जिंन्दा है,कातिल पति अब शर्मिंन्दा है!* फतेहपुर। जिले में गुरुवार को अपर एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट न०2 अजय सिंह के द्वारा पत्नी के हत्यारोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-2 फतेहपुर की अदालत ने आज सुनवाई करते हुए पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पाए गए पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। बता दें कि धाता थाना क्षेत्र में विगत 28 दिसंबर 2017 को घटना हुई थी। थाना क्षेत्र के ग्राम कोला निवासी रामेश्वर निषाद के पुत्र बट्टी निषाद ने अपनी पत्नी संगीता की शादी के कुछ समय बाद उस पर शक करते हुए गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद उसने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। मामले में पुलिस ने जांच कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य और गवाह पेश ...

जज की पत्नी उषा चौहान की ट्रेन में हुई मौत।

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मध्य प्रदेश के रतलाम के जाबरा रेलवे स्टेशन पर बुधवार को एक महिला यात्री की ट्रेन के टॉयलेट में शव मिलता है बताया जा रहा है कि महिला के पति जज है जब ओ रेलवे स्टेशन से नीचे उतरे तो उन्हें उनकी पत्नी कही नजर नही आई पत्नी के न मिलने पर उन्होंने स्टेशन पर काफी तलाश की लेकिन उन्हें उनकी पत्नी कही नजर नहीं आई। दरअसल मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक हैरान कर देने वाली और बेहद दुखद घटना सामने आई। रेलवे स्टेशन पर एक चलती ट्रेन के टॉयलेट से महिला यात्री का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शुरआती जांच के मुताबिक महिला के पति राजस्थान के चितौड़गढ़ में पदस्य एक जज हैं। यह घटना उस वक्त सामने आई जब पति ट्रेन से नई है उतर गए और पत्नी प्लेटफॉर्म पे कही नजर ही नही आई। जानकारी के मुताबिक महिला की पहचान उषा चौहान के रुप में हुई है जिसकी उम्र क़रीब 45 से 50 वर्ष के आसपास बताईं जा रही हैं वो अपने पति चितौड़गढ़ मे पदस्थ ADJ राजकुमार चौहान के साथ 4 मार्च को कांचीगुडा भगत की कोठी एक्सप्रेस में सफर कर रही थी दोनों का ट्रेन में अलग अलग रिजर्वेशन था और वह राजस्थान के सोयत स्टेशन से सवार हुई थी बुधवार सुबह जब ट्रेन चितौड़ग...

जज कैसे बने। जज बनने के लिए क्या करे। जज बनने के लिए क्या आवश्यक है। भारत मे जज कौन बन सकता है?

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👨‍⚖️अगर आप जज बनना हो तो कैसे बनें सम्पूर्ण जानकारी आप के लिए जज बनने के लिए आपको कानून (विधि)Law की पढ़ाई करनी होती है और फिर न्यायिक सेवा परीक्षा (Judiciary Exam) पास करनी होती है। इसके लिए आल को सबसे पहले……….. 📚 1️⃣ 12वीं के बाद क्या करें?🔹 विकल्प 1: 5 साल का इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स12वीं के बाद सीधे BA LLB / BBA LLB / B.Com LLB अवधि: 5 साल 🔹 विकल्प 2: ग्रेजुएशन के बाद 3 साल का LLBपहले किसी भी विषय से ग्रेजुएशन फिर 3 साल का LLB 📌 पढ़ाई के लिए आप हिसाब से किसी अच्छे संस्थानों में एडमिशन ले सकते हैं: National Law University Faculty of Law Delhi University ⚖️ 2️⃣ LLB के बाद क्या करें?LLB पूरी करने के बाद आपके पास दो मुख्य रास्ते होते हैं: 🔹 (A) सीधे सिविल जज बनना (न्यायिक सेवा परीक्षा के माध्यम से)इसे PCS(J) / Judicial Services Exam भी कहते हैं। 🔹 (B) वकील बनकर अनुभव लेने के बाद जज बननाकुछ राज्यों में अनुभव जरूरी होता है (3–7 साल तक की प्रैक्टिस)। 📝 3️⃣ न्यायिक सेवा परीक्षा (Judiciary Exam) कैसे होती है?हर राज्य अपनी अलग परीक्षा कराता है, जैसे: Uttar Pradesh Public Ser...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा : मजिस्ट्रेट का न्यायिक काम करना डीएम, एसपी और राजनीतिक मुखिया से ऊपर, उनके आदेशों की अनदेखी करना 'माफ़ करने लायक नहीं'।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक न्यायिक अधिकारी अपना न्यायिक काम करते हुए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ और यहां तक कि किसी राज्य के राजनीतिक मुखिया से भी ऊपर होता है, और उनके आदेश की अनदेखी करना 'माफ़ करने लायक नहीं' है। कोर्ट ने आगे कहा कि न्यायिक अधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों की इस तरह अनदेखी न केवल कोर्ट की अवमानना है, बल्कि कानून के अधिकार को सीधी चुनौती है। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने ललितपुर में एक चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेशों की अनदेखी करने के लिए दोषी पुलिस अधिकारियों को भी कड़ी फटकार लगाई। इस प्रकार, सिंगल जज ने एक स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) और एक इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (10) को कोर्ट उठने तक कोर्टरूम में कस्टडी में रखने की सजा सुनाई। संक्षेप में मामला सानू उर्फ राशिद ने जमानत अर्जी दायर की, जो धोखाधड़ी के एक मामले में फंसा है। कहा जाता है कि उन्हें 14 सितंबर, 2025 को बिना किसी ऑफिशियली अरेस्ट के कस्टडी में ले लिया गया। इसके बाद 16 सितंबर को उनकी बहन ने CJM, ललितपुर के सामने आवेदन दायर किया, जिसमें दावा किया गया क...

बाबा का वो आखिरी स्टेशन – एक दिल छू लेने वाली कहानी जो इंसानियत सिखा जाए

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बाबा का वो आखिरी स्टेशन – एक दिल छू लेने वाली कहानी जो इंसानियत सिखा जाए शाम की ठंडी हवा धीरे-धीरे चल रही थी। स्टेशन पर लोगों की भीड़ थी — कोई जल्दी में, कोई मुस्कुराते हुए, तो कोई बस खामोश खड़ा। हर चेहरा अपनी कहानी कह रहा था। उन्हीं चेहरों के बीच एक बूढ़ा आदमी बेंच पर बैठा था, हाथ में एक पुराना बैग और आंखों में गहराई तक भरी हुई थकान। ट्रेन आने में अभी पंद्रह मिनट बाकी थे। पास में खड़ी एक लड़की ने पूछा — “बाबा, कहां जाना है आपको?” वो मुस्कुराए — “बस... आखिरी स्टेशन तक। ” लड़की ने हंसते हुए कहा, “वो तो सबका होता है बाबा, पर असली स्टेशन कौन-सा है?” बाबा ने धीमे से कहा — “जिस जगह दिल को सुकून मिले, वही मेरा स्टेशन होगा।” लड़की ने ध्यान से देखा — बाबा के कपड़े पुराने और पैरों में फटी हुई चप्पलें थीं, और आँखों में नमी जो शायद सालों से बसी हुई थी। उसने पानी की बोतल दी — “लीजिए बाबा, पानी पी लीजिए।” बाबा ने बोतल लेते हुए कहा, “बेटी, तुमने मुझे पानी दिया है, वरना अब तो लोग नजरें भी नहीं मिलाते। “कहां जा रहे हैं आप?” “वहीं... जहां मेरी यादें हैं। मेरी पत्नी का गांव। प...

ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE 20) 2025: संपूर्ण जानकारी हिंदी में

1 . AIBE क्या है? AIBE = All India Bar Examination (ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन)। इसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य कानून स्नातकों की योग्यता की जाँच करना है ताकि वे भारत में अदालतों में वकालत कर सकें। यानी, इसे पास करना “Certificate of Practice (CoP)” प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है। --- 2. AIBE 20 की अधिसूचना एवं तिथियाँ (प्रारंभिक/अनुमानित) नीचे वे तिथियाँ दी गई हैं जो विभिन्न स्रोतों ने अनुमानित की हैं: घटना अनुमानित / घोषित तिथि अधिसूचना जारी होने की संभावना सितंबर 2025 पंजीकरण आरंभ 29 सितंबर 2025 पंजीकरण की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2025 आवेदन सुधार (Correction) 31 अक्टूबर 2025 एडमिट कार्ड जारी 15 नवंबर 2025 परीक्षा तिथि 30 नवंबर 2025 (कुछ स्रोतों में यह तिथि सुझाई गई है) परिणाम / उत्तर कुंजी परीक्षा के बाद प्रकाशित होगी (अभी निश्चित नहीं) > ध्यान दें: कुछ स्रोतों ने दिसंबर 2025 की तारीखों का अनुमान भी लगाया है (जैसे 21 या 22 दिसंबर) पूरी और आधिकारिक तिथियाँ BCI द्वारा जारी अधिसूचना में ही सुनिश्चित होंगी। --- 3. प...