लखनऊ हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी: अस्थायी व वर्कचार्ज कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने के आदेश पर अंतरिम रोक, 27 अप्रैल को होगी अहम सुनवाई
**लखनऊ हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी: अस्थायी व वर्कचार्ज कर्मचारियों को पुरानी
पेंशन देने के आदेश पर अंतरिम रोक, 27 अप्रैल को होगी अहम सुनवाई** लखनऊ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को महत्वपूर्ण राहत देते हुए अस्थायी और
वर्कचार्ज कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने संबंधी एकल
पीठ के आदेश पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई
के लिए 27 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है, जिस दिन इस मुद्दे पर विस्तृत और अंतिम
सुनवाई की जाएगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने पारित
किया। खंडपीठ ने यह फैसला लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से दाखिल की गई 40 विशेष
अपीलों पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया। राज्य सरकार ने इन अपीलों के माध्यम से एकल
पीठ के 4 नवंबर 2025 के फैसले को चुनौती दी थी। एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि
अस्थायी और वर्कचार्ज कर्मचारियों की पूरी सेवा अवधि को जोड़कर उन्हें पुरानी पेंशन
योजना का लाभ दिया जाए, भले ही उनकी नियमित नियुक्ति 1 अप्रैल 2005 के बाद
हुई हो। इस निर्णय से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को OPS का लाभ मिलने की संभावना
बन गई थी। हालांकि, राज्य सरकार ने इस आदेश का विरोध करते हुए तर्क दिया कि एकल पीठ
का फैसला पहले से मौजूद दो सदस्यीय खंडपीठ के निर्णयों के विपरीत है। सरकार की ओर
से यह भी कहा गया कि एकल पीठ को खंडपीठ के फैसलों को गलत ठहराने का अधिकार नहीं है।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जिन फैसलों का हवाला एकल पीठ ने दिया था, उनमें
से कुछ को पहले ही खंडपीठ द्वारा निरस्त किया जा चुका है। इसके अलावा, पेंशन से
जुड़े संशोधन अधिनियम, 2021 की वैधता का मामला भी वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में
विचाराधीन है। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए खंडपीठ ने माना कि यह मामला
गंभीर कानूनी प्रश्नों से जुड़ा हुआ है और इसमें अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी
पहलुओं की गहराई से समीक्षा आवश्यक है। इसी कारण अदालत ने एकल पीठ के आदेश पर
अंतरिम रोक लगाते हुए विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की है। अब सभी की नजरें
27 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अंतिम फैसला सामने
आ सकता है।
महत्वपूर्ण प्रश्न -
1. क्या सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी है?
2.

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